भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक दिसंबर 2025 में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो पिछले महीने के 6.7 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। यह आंकड़ा 26 महीनों में सबसे तेज वृद्धि है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को आधिकारिक आंकड़े जारी किए। विनिर्माण क्षेत्र में 8.1 प्रतिशत खपत दर्ज हुई। खनन क्षेत्र 6.8 प्रतिशत तथा विद्युत उत्पादन 6.3 प्रतिशत बढ़ा। यह वृद्धि बुनियादी धातुओं के 12.7 प्रतिशत मोटर वाहनों तथा ट्रेलरों के 33.5 प्रतिशत तथा फार्मास्यूटिकल्स के 10.2 प्रतिशत उत्पादन से प्रेरित हुई। कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक तथा ऑप्टिकल उत्पादों में 34.9 प्रतिशत की उछाल आया। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 12.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 8.3 प्रतिशत सुधार आया। पूंजीगत वस्तुओं में 8.1 प्रतिशत वृद्धि रही। बुनियादी ढांचा तथा निर्माण क्षेत्र ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। निम्न आधार प्रभाव तथा जीएसटी सुधारों ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया। अप्रैल से दिसंबर 2025 तक संचयी वृद्धि 3.9 प्रतिशत रही। अर्थशास्त्रियों ने घरेलू मांग तथा निवेश पुनरुद्धार को इसका श्रेय दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने इसे विनिर्माण पुनरुद्धार का संकेत बताया। केयरएज रेटिंग्स की राजनी सिन्हा ने बुनियादी ढांचा मांग को मजबूत आधार माना। ब्रिकवर्क रेटिंग्स के राजीव शरण ने मांग स्थिरता पर भरोसा जताया। यह आंकड़ा बजट सत्र से ठीक पहले आया जब आर्थिक सर्वेक्षण तथा केंद्रीय बजट प्रस्तुत होने हैं। सरकार का दावा है कि आत्मनिर्भर भारत तथा मेक इन इंडिया पहलें सफल हो रही हैं। वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार तथा रेल विद्युतीकरण ने सहयोग दिया। हालांकि कुछ विश्लेषक जनवरी 2026 में 6 से 7 प्रतिशत की मध्यम वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। यह आंकड़ा वैश्विक मंदी के बीच भारत की आर्थिक लचीलापन दर्शाता है। निर्यात वृद्धि तथा आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता ने योगदान दिया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि 7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। औद्योगिक क्षेत्र रोजगार सृजन तथा निवेश आकर्षण का केंद्र बनेगा। बजट में औद्योगिक प्रोत्साहन परिव्यय बढ़ सकता है। यह आंकड़ा शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया का कारण बना। सेंसेक्स तथा निफ्टी में तेजी दर्ज हुई। अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि दिखी। सरकार ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन तथा पीएलआई योजनाओं का श्रेय लिया।
by Dainikshamtak on | 2026-01-29 00:00:05